Monday, 30 August 2021

THE MOTHER LAND : मातृ भूमि तुझे नमन

 

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार 

 मन मेँ उपजेँ ऐसे सँस्कार

हरदम देश सेवा का  हो विचार ... देश सेवा का हो विचार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार

 

कर्म मेरे ऐसे हो मित्रोँ का उपकार

और हो दुर्विचारोँ का अपकार ... दुर्विचारोँ का अपकार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार 

 

हो तेरे बालकोँ के सुविचार

करे सबसे  अच्छा व्यवहार ...... अच्छा व्यवहार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार

 

तेरी धरा से बहे शांति की बयार

हो चहुँ ओर प्रेम का प्रसार .......... प्रेम का प्रसार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार 

 

हर ओर सम्रिद्धि की हिलोर

पसरे खुशहाली चहुँ ओर...... खुशहाली चहुँ ओर

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार 

 

ह्रिदय हो  प्रेम रस  से विभोर  

हो सबके अच्छे संस्कार ....... सबके अच्छे संस्कार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार

 

शत्रुओँ का हो प्रतिकार

हो रण मेँ हाथ मेँ हथियार ...... हाथ मेँ हथियार 

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार

 

तेरी  धरा पर न हो व्यभिचार

हो हर विपत्ति का परिहार ......... हर विपत्ति का परिहार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार 

 

तेरा स्नेह करे शक्ति संचार

मुझे पर-तंत्रता नहीँ स्वीकार ..... नहीँ स्वीकार

मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार.... नमन बार—बार

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