मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
हरदम देश सेवा का हो विचार ... देश सेवा का हो विचार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
कर्म मेरे ऐसे हो मित्रोँ का उपकार
और हो दुर्विचारोँ का अपकार
... दुर्विचारोँ का अपकार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
हो तेरे बालकोँ के सुविचार
करे सबसे अच्छा व्यवहार ...... अच्छा व्यवहार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
तेरी धरा से बहे शांति की बयार
हो चहुँ ओर प्रेम का प्रसार
.......... प्रेम का प्रसार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
हर ओर सम्रिद्धि की हिलोर
पसरे खुशहाली चहुँ ओर......
खुशहाली चहुँ ओर
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
ह्रिदय हो प्रेम रस से विभोर
हो सबके अच्छे संस्कार
....... सबके अच्छे संस्कार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
शत्रुओँ का हो प्रतिकार
हो रण मेँ हाथ मेँ हथियार ...... हाथ मेँ हथियार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
तेरी धरा पर न हो व्यभिचार
हो हर विपत्ति का परिहार .........
हर विपत्ति का परिहार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
तेरा स्नेह करे शक्ति संचार
मुझे पर-तंत्रता नहीँ स्वीकार
..... नहीँ स्वीकार
मातृ भूमि तुझे नमन बार-बार....
नमन बार—बार
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